Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ी भाषा में रिश्तों के नाम (जैसे: काका, ममा, दाई को क्या-क्या बोलते हैं) अर्थ सहित

Rahul singh

Published on: 10 July, 2026

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Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ी भाषा बहुत ही मीठी और आत्मीयता से भरी हुई है। यहाँ रिश्तों को पुकारने के लिए विशेष और पारंपरिक शब्दों का प्रयोग किया जाता है, जो आपसी प्रेम और आदर को दर्शाते हैं।

यहाँ छत्तीसगढ़ी भाषा में प्रमुख रिश्तों के नाम उनके हिंदी अर्थ और उपयोग के साथ दिए जा रहे हैं:

1. माता-पिता और सगे पारिवारिक रिश्ते (Core Family Relations)

छत्तीसगढ़ी समाज में माता-पिता और सगे भाई-बहनों को बहुत ही आदरणीय और अलग शब्दों से संबोधित किया जाता है।

छत्तीसगढ़ी शब्द हिंदी अर्थ (मतलब) विशेष टिप्पणी
दाई / गोइयाँ माता (माँ) छत्तीसगढ़ में माँ को सबसे ज़्यादा ‘दाई’ कहकर पुकारा जाता है।
ददा / बुबा / बाबा पिता (पिताजी) पिता के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में ‘ददा’ या ‘बुबा’ शब्द प्रचलित है।
भैया / बबा बड़ा भाई बड़े भाई को सम्मानपूर्वक ‘भैया’ या ‘बबा’ कहते हैं।
दीदी / बाई बड़ी बहन बड़ी बहन को ‘दीदी’ या ‘बाई’ कहा जाता है।
नोनी छोटी बच्ची / छोटी बहन प्यार से घर की बेटियों या छोटी बहनों को ‘नोनी’ बोलते हैं।
बाबू / बाबूचा छोटा बच्चा / छोटा भाई छोटे लड़के या छोटे भाई को प्यार से बुलाने का शब्द।

2. पिता पक्ष के रिश्ते (Father’s Side Relations)

पिता के परिवार यानी दादा-दादी, चाचा-चाची के रिश्तों को छत्तीसगढ़ी में इस प्रकार बोला जाता है:

छत्तीसगढ़ी शब्द हिंदी अर्थ (मतलब)
बबा दादाजी (पिता के पिता)
अज्जी / दाई दादीजी (पिता की माता)
काका चाचा (पिता के छोटे भाई)
काकी चाची (काका की पत्नी)
बड़बापा / जेठबापा ताऊ / बड़े पापा (पिता के बड़े भाई)
बड़माई / जेठमाई ताई / बड़ी मम्मी (बड़े पापा की पत्नी)
फूफा फूफा (बुआ के पति)
फूफी / फूफू बुआ (पिता की बहन)

3. माता पक्ष के रिश्ते (Mother’s Side Relations)

ननिहाल यानी माँ के मायके के रिश्तों को छत्तीसगढ़ी में बहुत ही मधुरता से बोला जाता है:

छत्तीसगढ़ी शब्द हिंदी अर्थ (मतलब)
ममा / मामा मामा (माँ के भाई)
ममी / मामी मामी (मामा की पत्नी)
मौसी / मौसी दाई मौसी (की बहन)
मौसा मौसा (मौसी के पति)
नाना / ददा नानाजी (माँ के पिता)
नानी / दाई नानीजी (माँ की माता)
4. ससुराल पक्ष के रिश्ते (In-Laws Relations)

विवाह के बाद बनने वाले रिश्तों के लिए छत्तीसगढ़ी में बहुत ही अनूठे और पारंपरिक शब्द हैं:

छत्तीसगढ़ी शब्द हिंदी अर्थ (मतलब) विवरण
ससुर ससुर पति या पत्नी के पिता।
सास सास पति या पत्नी की माता।
जेठ जेठ पति के बड़े भाई।
जेठानी जेठानी जेठ की पत्नी।
देवर देवर पति के छोटे भाई।
देवरानी / देरानी देवरानी देवर की पत्नी।
नंदोई नंदोई पति की बहन के पति।
ननद ननद पति की बहन।
साढ़ू भाई साढ़ू पत्नी की बहन के पति।
साला साला पत्नी का भाई।
सैलहज / सलहज सलहज साले की पत्नी (पत्नी के भाई की पत्नी)।
साली साली पत्नी की बहन।
5. अन्य महत्वपूर्ण रिश्ते और संबोधन

छत्तीसगढ़ी में कुछ अन्य बहुप्रचलित शब्द जो रोज़मर्रा की बातचीत में रिश्तों को दर्शाने के लिए उपयोग किए जाते हैं:

  • संगी / जोहार / मितान: छत्तीसगढ़ में ‘मितान’ (मित्र/दोस्त) का रिश्ता बहुत बड़ा माना जाता है। इसके लिए बाकायदा एक पारंपरिक लोक प्रथा (मितान बदना) भी होती है।

  • गंउद्दिहा / परोसी: पड़ोसी को छत्तीसगढ़ी में ‘गंउद्दिहा’ या ‘परोसी’ कहा जाता है।

  • पुतो / पतोहू: बहू (बेटे की पत्नी) को ‘पुतो’ कहा जाता है।

  • दामाद / जँवाई: दामाद (बेटी के पति) को ‘जँवाई’ या ‘जँवाई बाबू’ कहा जाता है।

  • नातिन / नाती: पोता/पोती या नवासा/नवासी को नाती और नातिन कहा जाता है।

 

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